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फंगल इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ कà¥à¤¯à¤¾ है
फंगल इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार का संकà¥à¤°à¤®à¤£ है, जो तब होता है जब शरीर के किसी à¤à¤¾à¤— पर फंगस आकà¥à¤°à¤®à¤£ करता है। यह संकà¥à¤°à¤®à¤£ आपकी रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ कमजोर कर सकता है (1)। फंगल इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ à¤à¤• छोटे-से दाद से लेकर जानलेवा संकà¥à¤°à¤®à¤£ जितना बड़ा हो सकता है (2)। यह आपके शरीर पर, बालों में, नाखून पर, गà¥à¤ªà¥à¤¤à¤¾à¤—ों, मà¥à¤‚ह या गले पर कहीं à¤à¥€ हो सकता है (3)।
फंगल इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ के कारण और जोखिम कारक
अलग-अलग तरह से फंगल इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ के कारण à¤à¥€ अलग-अलग à¤à¥€ हो सकते हैं। इनमें कà¥à¤› कारण सामानà¥à¤¯ à¤à¥€ हो सकते हैं। आइà¤, आपको इन कारणों से परिचित करवाते हैं।
1. नाखून फंगल इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ के कारण
कई बार नाखून में दरार होने की वजह से फंगस आपके नाखून में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ कर जाता है। इसकी वजह से संकà¥à¤°à¤®à¤£ हो सकता है। यह किसी को à¤à¥€ हो सकता है (4)। नीचे जानिठइसके होने के कà¥à¤› कारण –
नाखून में चोट या सरà¥à¤œà¤°à¥€
मधà¥à¤®à¥‡à¤¹
कमजोर रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾
रकà¥à¤¤ संचार की समसà¥à¤¯à¤¾
à¤à¤¥à¤²à¥€à¤Ÿ फà¥à¤Ÿ (पैर में दाद)
2. फंगल सà¥à¤•िन इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ के कारण
फंगल सà¥à¤•िन इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ के कीटाणॠअलग-अलग तरीकों से फैल सकते हैं। नीचे बताठगठबिंदॠफंगल सà¥à¤•िन इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ का कारण हो सकते हैं (9) :
यह à¤à¤¸à¥‡ सामान से फैल सकता है, जिसमें संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के अवशेष हों, जैसे कंघा, बिना धà¥à¤²à¥‡ कपड़े आदि।
फंगस से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ पालतू जानवर जैसे कà¥à¤¤à¥à¤¤à¤¾, बिलà¥à¤²à¥€, गाय, बकरी, घोड़े या सूअर के संपरà¥à¤• में आने से à¤à¥€ à¤à¤¸à¤¾ हो सकता है।
जिन लोगों को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पसीना आता है, उनसे à¤à¥€ यह फंगल संकà¥à¤°à¤®à¤£ फैल सकता है।
3. यीसà¥à¤Ÿ इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ के कारण
à¤à¤• रिपोरà¥à¤Ÿ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, करीब 70 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ महिलाओं को अपने जीवन काल में कम से कम à¤à¤• बार तो यह संकà¥à¤°à¤®à¤£ होता ही है (10)। यहां हम बता दें कि यीसà¥à¤Ÿ हर महिला के शरीर में होता है। जब इसके सà¥à¤¤à¤° असंतà¥à¤²à¤¿à¤¤ होता है, तो यह इंफेकà¥à¤¶à¤¨ का रूप ले सकता है। नीचे बताठगठबिंदॠइसके कारण हो सकते हैं (11) :
à¤à¤‚टीबायोटिक का उपयोग
मौखिक गरà¥à¤à¤¨à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• का उपयोग
मधà¥à¤®à¥‡à¤¹
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾
मासिक धरà¥à¤® चकà¥à¤° में परिवरà¥à¤¤à¤¨
सामानà¥à¤¯ बीमारियां, जैसे आयरन की कमी और कमजोर रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾
à¤à¤•à¥à¤œà¤¿à¤®à¤¾
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